मुंबई: असं म्हणतात की, 'जर तुम्हाला काही बदलायचं असेल तर प्रथम ते मोजलं पाहिजे'. म्हणजे एखादी गोष्ट सिध्द करण्यासाठी तीचं मोजमाप होणं महत्वाचं असतं. २०३० पर्यंत ‘जीडीपी’च्या बाबतीत जगातली तिसरी सर्वात मोठी अर्थव्यवस्था भारताची असेल अशी बरीच चर्चा सध्या सुरु आहे. त्यामुळे इंडिया टूडेने एक अत्यंत महत्वाचं सर्वेक्षण केलं आहे. ज्यातून देशातली आणि देशात महत्वाची भूमिका बजावणाऱ्या महाराष्ट्रातली एक धक्कादायक माहिती समोर आली आहे.
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देशाच्या विकासाचं मोजमाप करण्यासाठी जीडीबी म्हणजे ‘ग्रॉस डोमेस्टिक बिहेवियर’ रिपोर्ट सादर करण्यात आला आहे. या जीडीबी रिपोर्टला देशाच्या जीडीपीशी जोडणारी एक नाळ म्हणता येईल. राज्यातल्या नागरी वर्तन, सार्वजनिक सुरक्षा, लिंगभाव आणि diversity म्हणजे विविधता/भेदभाव या ४ अॅंगल्सने 21 राज्य आणि एका केंद्रशासित प्रदेशाचा अभ्यास या सर्वेक्षणातून करण्यात आला आहे. महाराष्ट्राबद्दल या रिपोर्टमध्ये जे काही सांगण्यात आलं आहे ते बघून तुम्हालाही आश्चर्य वाटेल.
नागरी वर्तन (Civic Behavior)
सर्वात आधी पाहूयात. देशातल्या 21 राज्यांमध्ये महाराष्ट्रातलं civic behavior म्हणजे नागरी वर्तन कसंय. नागरी वर्तनात महाराष्ट्राचा कितवा क्रमांक लागतो. तर 30 वेगवेगळ्या प्रश्नांच्या आधारे केल्या गेलेल्या या सर्वेक्षणानुसार महाराष्ट्राचा 7 वा क्रमांक लागतो. तर नागरिकांची सर्वात चांगली वागणूक असणाऱ्या राज्यांमध्ये तामिळनाडूचा पहिला आणि सर्वात शेवटचा म्हणजे 22 वा क्रमांक पंजाब राज्याचा लागतो.
म्हणजे नागरिकांना चांगली वागणूक न देणाऱ्या राज्यांमध्ये पंजाब सर्वात वरच्या क्रमांकावर आहे. आपल्या सभोवतालच्या सार्वजनिक मालमत्ता म्हणजे बस, ट्रेन यांचा आदर करण्यापासून ते संकटाच्या वेळी जसं की अपघातात, दुष्काळात मदतीचा हात पुढे करण्यापर्यंत, व्यक्ती ज्या पध्दतीने वागतात त्यातून सामाजिक विकास ठरत असतो. समाजाला एकत्र धरून ठेवण्यासाठी नागरी वर्तन अत्यंत महत्वाचं असतं. त्यामुळे हा मुद्दा लक्षात घेऊन हा रिपोर्ट तयार करण्यात आला आहे.
| क्रमांक - 2025 | राज्य | नागरी वर्तन निर्देशांक |
| 1 | Tamil Nadu | 0.765527545 |
| 2 | West Bengal | 0.761255524 |
| 3 | Odisha | 0.745230909 |
| 4 | NCT of Delhi | 0.734439867 |
| 5 | Kerala | 0.727461293 |
| 6 | Haryana | 0.715756942 |
| 7 | Maharashtra | 0.705867387 |
| 8 | Uttarakhand | 0.653004188 |
| 9 | Himachal Pradesh | 0.647851846 |
| 10 | Jharkhand | 0.63320533 |
| 11 | Bihar | 0.606673158 |
| 12 | Chandigarh | 0.603177579 |
| 13 | Telangana | 0.560741711 |
| 14 | Rajasthan | 0.524780897 |
| 15 | Madhya Pradesh | 0.484778688 |
| 16 | Chhattisgarh | 0.479148521 |
| 17 | Karnataka | 0.468430724 |
| 18 | Uttar Pradesh | 0.413254599 |
| 19 | Andhra Pradesh | 0.379835138 |
| 20 | Assam | 0.371330231 |
| 21 | Gujrat | 0.350113995 |
| 22 | Punjab | 0.322251047 |
सार्वजनिक सुरक्षा (Public Safety)
आता पाहूयात public safety म्हणजे सार्वजनिक सुरक्षेमध्ये महाराष्ट्राची काय स्थिती आहे. public safety मध्ये महाराष्ट्र 5 व्या क्रमांकावर येतं. पहिल्या नंबरवर केरळ राज्य आहे. तर सार्वजनिक सुरक्षेची सर्वात कमी हमी असेलेल्या राज्यांमध्ये उत्तर प्रदेश शेवटच्या क्रमांकावर आहे.
| क्रमांक - 2025 | राज्य | सार्वजनिक सुरक्षा निर्देशांक |
| 1 | Kerala | 0.66215731 |
| 2 | Himachal Pradesh | 0.638379647 |
| 3 | Odisha | 0.629447859 |
| 4 | West Bengal | 0.623444875 |
| 5 | Maharashtra | 0.613952955 |
| 6 | Haryana | 0.580901442 |
| 7 | Uttarakhand | 0.577662817 |
| 8 | Bihar | 0.553134752 |
| 9 | Tamil Nadu | 0.547784134 |
| 10 | NCT of Delhi | 0.530762461 |
| 11 | Jharkhand | 0.462419342 |
| 12 | Telangana | 0.449301747 |
| 13 | Gujrat | 0.431456267 |
| 14 | Madhya Pradesh | 0.393064961 |
| 15 | Assam | 0.378352539 |
| 16 | Chhattisgarh | 0.378226046 |
| 17 | Chandigarh | 0.369060449 |
| 18 | Andhra Pradesh | 0.337440879 |
| 19 | Rajasthan | 0.329649794 |
| 20 | Karnataka | 0.280125105 |
| 21 | Punjab | 0.261222803 |
| 22 | Uttar Pradesh | 0.132473438 |
लिंगभाव (Gender Attitudes)
आता हा सर्वेक्षण ज्याआधारे केला गेलाय त्यातला तिसरा आणि अत्यंत महत्वाचा मुद्दा आहे तो म्हणजे Gender Attitudes म्हणजेच लिंगभाव. लिंगभावातही महाराष्ट्र 5 व्या क्रमांकावर आहे. इथेही केरळचा पहिला क्रमांक लागतो. तर, उत्तर प्रदेशचा सर्वात शेवटचा म्हणजे 22 वा क्रमांक लागतो.
| क्रमांक - 2025 | राज्य | लिंगभाव निर्देशांक |
| 1 | Kerala | 0.946035184 |
| 2 | Uttarakhand | 0.728496311 |
| 3 | Tamil Nadu | 0.676167843 |
| 4 | Himachal Pradesh | 0.621538413 |
| 5 | Maharashtra | 0.607640527 |
| 6 | Telangana | 0.589401581 |
| 7 | Chandigarh | 0.577261382 |
| 8 | West Bengal | 0.564288425 |
| 9 | Odisha | 0.512792935 |
| 10 | NCT of Delhi | 0.511408909 |
| 11 | Haryana | 0.470682094 |
| 12 | Jharkhand | 0.459258953 |
| 13 | Bihar | 0.445589351 |
| 14 | Madhya Pradesh | 0.445483621 |
| 15 | Karnataka | 0.427757822 |
| 16 | Andhra Pradesh | 0.418931924 |
| 17 | Rajasthan | 0.396833039 |
| 18 | Chhattisgarh | 0.37887085 |
| 19 | Punjab | 0.355682182 |
| 20 | Assam | 0.324331597 |
| 21 | Gujrat | 0.288569985 |
| 22 | Uttar Pradesh | 0.255339443 |
भेदभाव (Diversity and discrimination) The best and the worst
जीडीबीच्या रिपोर्टनुसार discrimination म्हणजे भेदभाव सर्वात कमी ज्या राज्यांमध्ये केला जातो त्यात सुध्दा केरळ राज्यचं पहिल्या क्रमांकावर आहे. तर, diversity आणि discrimination मध्ये महाराष्ट्र 4 थ्या क्रमांकावर आहे. यात सर्वात शेवटचा क्रमांक मध्य प्रदेश राज्याचा येतो. म्हणजे सर्वात जास्त discrimination मध्य प्रदेशमध्ये केलं जातं, असं या अभ्यासातून समोर आलेलं आहे.
| Rank 2025 | State | Diversity/Discrimination index |
| 1 | Kerala | 0.872657818 |
| 2 | Tamil Nadu | 0.672391666 |
| 3 | West Bengal | 0.664540238 |
| 4 | Maharashtra | 0.615092785 |
| 5 | Chandigarh | 0.597613563 |
| 6 | Haryana | 0.490049195 |
| 7 | Assam | 0.47545808 |
| 8 | Telangana | 0.467632637 |
| 9 | Rajasthan | 0.40225891 |
| 10 | Bihar | 0.394243182 |
| 11 | Andhra Pradesh | 0.387668887 |
| 12 | Odisha | 0.379084769 |
| 13 | Jharkhand | 0.376940681 |
| 14 | Chhattisgarh | 0.367237002 |
| 15 | Himachal Pradesh | 0.352840263 |
| 16 | Gujrat | 0.31418911 |
| 17 | NCT of Delhi | 0.306666094 |
| 18 | Punjab | 0.296787695 |
| 19 | Karnataka | 0.278985742 |
| 20 | Uttarakhand | 0.199240599 |
| 21 | Uttar Pradesh | 0.178062418 |
| 22 | Madhya Pradesh | 0.112278061 |
Overall वागणूकीत महाराष्ट्राची स्थिती जर पाहिली तर महाराष्ट्राचा चौथा क्रमांक लागतो. केरळचा पहिला क्रमांक तर उत्तर प्रदेश राज्याचा 22 वा क्रमांक लागतो. जागरूकता आणि वास्तविक जगाच्या वर्तनातला फरक दाखवणारा इंडिया टूडेचा हा रिपोर्ट आहे.
आता ही आकडेवारी लक्षात घेताना कशाआधारे हा अभ्यास केला गेला आहे हे सुध्दा पाहणं महत्वाचं आहे. नागरी वर्तन तपासण्यासाठी सामुदायिक उपक्रमांमधला लोकांचा सहभाग, सार्वजनिक नियमांचं पालन कसं केलं जातं या गोष्टींचा अभ्यास केला गेला. सार्वजनिक सुरक्षेच्या मुद्याचं सर्वेक्षण करताना कायद्याच्या अंमलबजावणीवरचा लोकांचा विश्वास, वैयक्तिक सुरक्षेवरच्या धारणा कशा आहेत, ते पाहिलं गेलं.
लिंग दृष्टिकोनाचा अभ्यास करताना लिंगावरुन घेतली गेलेली भूमिका आणि समानतेच्या दृष्टिकोनाचा विचार केला गेला. या आधारित 7 प्रश्न तयार केले गेले. विविधता आणि भेदभाव या मुद्यावरुन सर्वेक्षण करताना जात, धर्म किंवा वांशिकतेवर आधारित द्विभाजन यावर आधारीत 5 प्रश्न तयार करण्यात आले होते. या सर्वेक्षणासाठी 22 राज्यांमधले 98 जिल्हे आणि एका केंद्रशासित प्रदेशातल्या 9188 लोकांचा प्रतिसाद घेण्यात आला. यामध्ये 50.8 टक्के पुरुष आणि 49.2 टक्के महिलांचा समावेश होता. यातले 54.4 टक्के शहरी आणि 45.6 टक्के ग्रामीण लोक होते.
एकंदरीत ही आकडेवारी धक्कादायक आहे. इतक्या बेसिक गोष्टींमध्येच महाराष्ट्र राज्य म्हणून आपण का मागे आहोत, याचा विचार करायला लावणारा हा रिपोर्ट आहे.
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